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भारत के वो नेता जिन्होंने राजनीति में आने के लिए UPSC की नौकरी छोड़ दी

Indian leaders who left IAS job to join politics

Indian leaders who left UPSC job to join politics :  भारतीय राजनीति में कई ऐसे राजनेता है जिनके पास कोई बड़ी शिक्षा उपलब्धि नहीं है। देश को चलाने के लिए थोड़ा शिक्षा का महत्व इतना जरूरी है कि जनता को यह लगे की देश की जिम्मेदारी हमने जिसे दी है। उसे सही और गलत का फर्क मालूम हो । देश के सभी राज्यों में कई ऐसे नेता मिल जाएंगे। जिनके पास कोई बड़ी डिग्री नहीं है और कुछ ऐसे है जिनके पास कई बड़ी डिग्री है फिर भी देश की सेवा कर रहे है । तो वहीं देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में मानी जाने वाली नौकरी IAS है इंडियन एडमेंस्ट्रेटिव सर्विस जिसे हिंदी में भारतीय प्रशासनिक सेवा भी कहते है । ज्यादा तर लोगों का सपना आईएएस बनने का होता है।

इसके लिए पढ़ाई में दिन रात एक करते है परीक्षा के कई चरणों से गुजरना पड़ता है। तब जाकर बड़ी मुश्किल से यह नौकरी मिलती है । इसके बावजूद देश में कुछ ऐसे आईएएस अधिकारी है जिन्होंने सर्विस छोड़कर जन प्रतिनिधि बनना उचित समझा । उन्होंने राजनीति में कदम रख जनता के और नजदीक जाने की कोशिश की । आज राजनीति में ऐसा पांव जमा चुके है कि कोई नहीं कह सकता कि ये कभी आईएएस अफसर रह चुके है । जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का निस्तारण कर रहे है । आइए जानते है कुछ ऐसे ही आईएएस अफसर के बारे में जिन्होंने प्रतिष्ठित सेवा को छोड़कर राजनीति में कदम रखा।

अजीत जोगी

Indian leaders who left IAS job to join politics
Indian leaders who left IAS job to join politics

अजीत जोगी हो सकता है इस नाम से आप ज्यादा वाकिफ न हो । लेकिन अजीत जोगी ने जब राजनीति ज्वॉइन करने का निर्णय लिया था तो वो पहले एक कलेक्टर थे। अजीत जोगी 1968 बैच के आईएएस अफसर थे । कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कहने पर अजीत ने राजनीति में कदम रखा । फिर वह छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बने । गांधी परिवार के नजदीक और वफादार रहे अजीत को भ्रष्टाचार और अपराधिक मामलों का सामना करना पड़ा । साल 2016 में अजीत जोगी ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और खुद की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस बनाई ।

मणि शंकर अय्यर

Indian leaders who left IAS job to join politics
Indian leaders who left IAS job to join politics

राजनीति में यह नाम आपने खूब सुना होगा । इनके बयान ज्यादातर मीडिया में आते रहते है । विरोधी पार्टी पर खूब मुखर होकर बोलते है। कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर ने साल 1963 इंडियन फॉरेन सर्विस यानी IFS ज्वॉइन किया था। इसके बाद मणि शंकर अय्यर ने राजनीति में कदम रखने के लिए 1989 में सर्विस छोड़ दी । अय्यर 1991 के लोकसभा चुनाव ने तमिलनाडु के मयिलादुटूरई से चुनाव जीता । वह कांग्रेस पार्टी मे शामिल होकर कई अहम पदों पर रहते हुए जन प्रतिनिधि की सेवा की। मणि शंकर अय्यर पेट्रोलियम मंत्री रहे। खेल और पूर्वोत्तर विकास के लिए काम किया।

मीरा कुमार

Indian leaders who left IAS job to join politics
Indian leaders who left IAS job to join politics

मीरा कुमार को आपने लोकसभा स्पीकर के रूप देखा होगा । खास बात यह है कि लोकसभा में बतौर महिला स्पीकर का पद संभालने वाली पहली महिला सदस्य थी । मीरा कुमार का जन्म बिहार के आरा जिले में हुआ था। शायद आपको न पता हो लेकिन मीरा कुमार के पिता जगजीवन राम ने भारत के चौथे उप प्रधानमंत्री के तौर पर काम किया है । मीरा कुमार ने साल 1973 में भारतीय विदेश सेवा ज्वॉइन की थी । एक दशक से अधिक उन्होंने सर्विस की । मीरा कुमार ने साल 1985 मे हुए यूपी चुनाव के लिए यूपी के बिजनौर में रामविलास पासवान और मायावती को हराकर राजनीति में एंट्री ली । इसके बाद मीरा कुमार को 2004 में उन्हे कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए सरकार मे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री बनाया गया। फिर मीरा कुमार को साल 2017 में राष्ट्रपति पद के लिए उतारा गया लेकिन रामनाथ कोविंद के सामने वो हार गई।

अरविंद केजरीवाल

Indian leaders who left IAS job to join politics
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आज कल चारों तरफ जिस पार्टी ने धूम मचा रखी है वह आम आदमी पार्टी है दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है जिसमे दिल्ली की कमान अरविंद केजरीवाल के हाथों में है । केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री है। अरविंद केजरीवाल साल 1989 में IIT खड़कपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था। फिर साल 1992 में केजरीवाल ने भारतीय राजस्व सेवा ज्वॉइन की । कुछ सालों तक उन्हे भारतीयों के लिए सूचना अधिकार के प्रचारक बन गए ।इसके बाद साल 2006 में उनकी उभरती लीडरशिप मे रैमेन मैग्सेसे अवार्ड जीता। अरविंद केजरीवाल ने अपने साथी और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अन्ना हजारे के साथ 2011 में जन लोकपाल आंदोलन किया। और प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। फिर 2012 में आम आदमी का गठन किया । साल 2013 मे दिल्ली विधानसभा चुनाव हुए तो आप दूसरी सबसे पार्टी बनकर उभरी केजरीवाल कांग्रेस के समर्थन के साथ दिल्ली में सरकार बनाई और खुद मुख्यमंत्री बने । फिर साल 2015 में वो सत्ता में आई । 70 मे 67 सीट आप ने जीती ।

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सत्यपाल सिंह

 मुख्यमंत्री बने । फिर साल 2015 में वो सत्ता में आई । 70 मे 67 सीट आप ने जीती । सत्यपाल सिंह भारतीय जनता पार्टी के नेता सत्यपाल सिंह महाराष्ट्र कैडर के 1980 बैच के पूर्व भारतीय पुलिस सर्विस के अफसर रह चुके है सत्यपाल सिंह मुंबई के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके है इसके बाद उनका राजनीति में झुकाव आया । साल 2014 मे सत्यपाल सिंह ने मुंबई पुलिस चीफ से इस्तीफा दे दिया। और बीजेपी में शामिल हो गए । सत्यपाल सिंह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से 2014 में आम चुनाव में खड़े हुए। और जीते भी मौजूदा समय में संसद में सदस्य है ।

भारतीय जनता पार्टी के नेता सत्यपाल सिंह महाराष्ट्र कैडर के 1980 बैच के पूर्व भारतीय पुलिस सर्विस के अफसर रह चुके है सत्यपाल सिंह मुंबई के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके है इसके बाद उनका राजनीति में झुकाव आया । साल 2014 मे सत्यपाल सिंह ने मुंबई पुलिस चीफ से इस्तीफा दे दिया। और बीजेपी में शामिल हो गए । सत्यपाल सिंह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से 2014 में आम चुनाव में खड़े हुए। और जीते भी मौजूदा समय में संसद में सदस्य है ।

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