सड़क एवं कामकाजी बच्चों ने बाल मजदूरी न करने का लिया प्रण

नोएडा | कोरोना की महामारी ने हमारे देश के हर तपके के लोगो की कमर तोड़ दी, न जाने कितने घर उजड़ गए और न जाने कितने बच्चों अनाथ कर दिया। यह महामारी बच्चों के लिए काल की तरह रहा क्योंकि परिजनों के मृत्यु या उनके काम छूट जाने के कारण, न जाने कितने बच्चों को बाल मजदूरी की तरफ धकेल दिया। चेतना संस्था, एचसीएल फाउंडेशन के उदय परियोजना के सहयोग से सड़क एवं कामकाजी बच्चों के शैक्षिक हित के लिए तीन परियोजनाओं के साथ नोएडा के विभिन्न स्थानों पर कार्य कर रही है। आज विश्व बाल श्रम निषेध दिवस संध्या पर चेतना संस्था के लगभग 900 बच्चों ने यह शपथ ली कि वह न तो खुद बाल श्रम करेंगे और अपने साथ-साथ अन्य 10 बच्चों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे। इसके साथ ही बच्चों ने चित्र व स्लोगन के माध्यम से भी समाज को जागरूक करने का प्रयास किया।
बच्चों के अलावा संस्था के शिक्षकों ने भी बच्चों को बाल श्रम से निकालकर शिक्षा की ओर अग्रसर करने की शपथ ली। उन्होंने कहा-“आओ मिलकर संकल्प उठाएं, बाल श्रम मुक्त संसार बनाएं, बच्चों से न काम कराएं। चेतना संस्था के कार्यो को देखते हुए नोएडा के एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के इंस्पेक्टर श्री देवेंद्र सिंह ने कहा कि ने “बाल श्रम सामाजिक एवं कानूनी अपराध है, बाल श्रम को रोकें। समाज में बच्चों की हर प्रकार से मदद करें और उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण का शिकार न होने दें।”  चेतना संस्था के निर्देशक श्री संजय गुप्ता ने कहा कि बाल मजदूरी हमारे समाज के लिए एक अभिशाप है और हमे एकजुट होकर इसके लिए कार्य करना होगा। बाल मज़दूरी में फसे हुए बच्चों को इस नरक से निकालकर सरकार के योजनाओं से जोड़कर उनका उन्मूलन करने का प्रयास निरंतर करते रहना होगा तभी हम सब बाल श्रम मुक्त समाज को देख पाएंगे।
Chetna SansthaHCL FoundationStreet and working children took a pledge not to do child labor