बिहार चुनाव ने एग्जिट पोल को ठेंगा दिखाया, जिसको जिताया वो हारा

बिहार में चुनाव के परिणामों ने सबको हैरान कर दिया है।परिणाम आने से पहले एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुत मिलती दिख रही थी, लेकिन मतगणना होने के बाद जब परिणाम आया तो सब हैरान रह गए।

बीजेपी ने किया उम्मीद से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन,

कोरोना महामारी में बिहार की जड़ों को हिला कर रख दिया था।  इसी कारण सभी को लगने लगा था ,कि बिहार में भाजपा की पकड़ कमजोर हो चुकी है ,लेकिन भाजपा ने सभी को गलत साबित कर दिया. बिहार में परिणाम आने के बाद भाजपा को 74 सीटें मिली , और वह बिहार की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

आखिर क्यों गलत हुए एग्जिट पोल,

एग्जिट पोल करने वालों ने भाजपा को बहुत कम आंका और चुनावी समीकरण इस बार बहुत ज्यादा जटिल थे. क्योंकि वोट काटने की राजनीति इस बार बिहार चुनाव पर हावी थी ।

राष्ट्रीय जनता दल  , का मुख्य वोट बैंक यादव और मुस्लिम थे, लेकिन पप्पू यादव और ओवैसी ने आरजेडी के काफी सारे मतदाताओं को बांट दिया. क्योंकि दलितों के लिए इस बार वोट डालने के लिए कई सारी पार्टियां थी.

चिराग पासवान भी फेल हुए,

चुनाव से पहले बड़े-बड़े दावे करने वाले चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी भी कुछ खास नहीं कर पाई . उन्होंने सिर्फ एक ही सीट पर विजय प्राप्त की, चुनाव से पहले ऐसा माना जा रहा था कि चिराग पासवान को उनके पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद सहानुभूति वोट मिलेगा। लेकिन जैसे ही मतगणना समाप्त हुई , ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला ।उनके द्वारा किए गए सारे दावे फीके पड़ गए

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