कोरोनो से बचाव में विटामिन ए, डी और के मददगार साबित हो सकते हैं

नई दिल्ली। कोरोनो बीमारी से बचाव में विटामिन ए, डी और के मददगार साबित हो सकते हैं।

ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल की तरफ से किये गये एक शोध से पता चला है कि कोरोनो बीमारी से बचाव में विटामिन ए, डी और के मददगार साबित हो सकते हैं । शोध में इस बात की भी जानकारी प्राप्त हुई है कि कैसे दूसरे एंटी वायरल ड्रग कोरोनो से बचाव में उपयोगी हो सकते हैं।

शोध के अनुसार ये फूड सप्लीमेंट्स स्पाइक प्रोटीन को बांध कर रखने में सक्षम हैं, जिसके कारण कोरोनो वायरस का संक्रमण कमजोर पड़ता है। लिनोलिक एसिड स्पाइक प्रोटीन को एक विशिष्ट जगह से बांधता है और इसे कम असरदार कर देता है। इसी तरह के प्रभाव वाले दूसरे कंपाउंड को खोजने के लिये शोधकर्ताओं ने कम्प्यूटेशनल तरीकों का उपयोग किया है।

शोधकर्ताओं के अनुसार नई एंटी वायरल दवाओं के निर्माण में वर्षों लग सकते हैं, इसलिये उन्होंने पहले से खोजी गई ऐसी दवाओं और प्रोटीन की पहचान की जो स्पाइक प्रोटीन को बांध सकते हैं।

शोधकर्ताओं के दल ने सबसे पहले स्पाइक प्रोटीन पर लिनोलिक एसिड के प्रभावो का अध्ययन किया और कम्प्यूटेशनल सिमुलेशन का उपयोग करके दिखाया कि वह इसे बंद कर सकता है। आगे से सिमुलेशन से पता चला कि कोरोनो उपचार में उपयोगी डेक्समेथासोन भी स्पाइक प्रोटीन को बांध सकता है और ये ना केवल इम्यून सिस्टम पर स्पाइक प्रोटीन के प्रभाव को कम करता है बल्कि संक्रमण पर भी रोक लगाता है।

दल ने यह देखने के लिए भी शोध कार्य किया कि कौन से दूसरे फैटी एसिड्स स्पाइक प्रोटीन को बांधने का काम करते हैं। उन्होंने उपलब्ध दवाओं और फूड सप्लीमेंट के बीच कई दूसरी दवाओं के बारे में भी बताया है। इन दवाओं में कुछ ऐसी हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के दौरान कोरोनो बीमारी को रोकने में मददगार पाया गया है।

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