कुकडूकु साहित्य स्पेशल : चांद में नूर तेरी बदौलत

खुशी झा
चांद में नूर तेरी बदौलत
हर फूल में कोहिनूर तेरी शोहरत
हर इबादत से बड़ी हैं माँ तेरे चरणों की जन्नत।

जादुई दुनिया है माँ की गोद जिसपे सर रख कर सो जाने से सब गम मिट जाते हैं💕💕💕
एक जादुई दूनियाँ है माँ का आँचल जिसमें बचपन के सारे खजाने मिल जाते हैं।💞💞💞

कैसे समझे कोई प्यार का दर्द💞💞
माँ के प्रेम का दर्द💕
खुद सोये गीले में अपने लाल की नींद खराब ना हो
है ये ममता का प्यार का दर्द💞💞
कैसे कोई समझे एक पत्नी के त्याग का दर्द
बाबुल का घर छोड़ पिया के घर को सजाये💞
कैसे कोई समझे एक फौजी का देश के प्रति प्रेम का दर्द
घर परिवार को छोड़ सीमा पे जान की बाजी लगाए,
कैसे कोई समझे सच्चे प्रेम का दर्द जो किसी से बिना स्वार्थ के रिश्ते निभाए,
प्यार का दर्द कभी मीठा💞कभी स्नेह💞कभी ममता 💞कभी त्याग💞कभी समर्पण💞
हर भाव 💞हर रिस्ते में मेहसूस हो जाये।💞

वक़्त ने दर्द दिया है इतना कि भुलाए नही भूल पाता दिल,
टुट गये हैं इतना की संभलता नही टूटा हुआ दिल,
मन लगता नही कहीं भी चाहे कितनी भी सजी हो महफिल,
जिसे सोच के परेशान हुँ वो भूल पाना है मुश्किल।😪

दिल के इरादे मजबूत ना हों तो हर कोशिश नाकाम हो जाती है,
प्यार और भरोसा ना हो तो रिश्ते की डोर कमजोर हो जाती है।

साहित्य स्पेशल